राष्ट्रीय हिंदी कहानी प्रतियोगिता
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पारिजात-एक अभागी लड़की
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अंश
तेरा नाम सागर होता या सूरज.... मै कभी तुझे प्रेम नही करती. क्यों, खबर है? जिस दिन मेरा जन्म हुआ, उस दिन ही मेरे माता-पिता दोनों की मुत्यु हो गयी, माता की प्रसूति दरमियान और पिता की रोड एक्सीडेंट मे. मॉसी-मॉसाजी...
तेरा नाम सागर होता या सूरज.... मै कभी तुझे प्रेम नही करती. क्यों, खबर है? जिस दिन मेरा जन्म हुआ, उस दिन ही मेरे माता-पिता दोनों की मुत्यु हो गयी, माता की प्रसूति दरमियान और पिता की रोड एक्सीडेंट मे. मॉसी-मॉसाजी...
Storyline
अंश
तेरा नाम सागर होता या सूरज.... मै कभी तुझे प्रेम नही करती. क्यों, खबर है? जिस दिन मेरा जन्म हुआ, उस दिन ही मेरे माता-पिता दोनों की मुत्यु हो गयी, माता की प्रसूति दरमियान और पिता की रोड एक्सीडेंट मे. मॉसी-मॉसाजी ने लालन-पालन किया, तो उनके कोई संतान नही हुयी. यह संजोग नही है, अंश, यह इशारा था उपरवाले का. मै खूब अभागी हु, अगर अपने दोनों एक हुए होते, तो तू कभी सुखी न होता. याद है, तुझे एक्सिडेंट हुआ था उस रात को.... तूने तो मुझे मात्र अपने प्रेम का एकरार किया था.... और देख लिया उसका परिणाम? मै पारिजात हु.... जिसे कृष्ण का श्राप मिला है. जिसका रूप-रंग, सौंदर्य कोई देख नही सकेगा.... तू अगले जन्म मे भी अंश ही बनना.... मै तेरी बनुगी, मात्र तेरी.... रातरानी बनकर तेरी सभी रातो को महका दूँगी.... हर जन्म मे पारिजात बनु, इतनी भी अभागनी नही!'
तेरा नाम सागर होता या सूरज.... मै कभी तुझे प्रेम नही करती. क्यों, खबर है? जिस दिन मेरा जन्म हुआ, उस दिन ही मेरे माता-पिता दोनों की मुत्यु हो गयी, माता की प्रसूति दरमियान और पिता की रोड एक्सीडेंट मे. मॉसी-मॉसाजी ने लालन-पालन किया, तो उनके कोई संतान नही हुयी. यह संजोग नही है, अंश, यह इशारा था उपरवाले का. मै खूब अभागी हु, अगर अपने दोनों एक हुए होते, तो तू कभी सुखी न होता. याद है, तुझे एक्सिडेंट हुआ था उस रात को.... तूने तो मुझे मात्र अपने प्रेम का एकरार किया था.... और देख लिया उसका परिणाम? मै पारिजात हु.... जिसे कृष्ण का श्राप मिला है. जिसका रूप-रंग, सौंदर्य कोई देख नही सकेगा.... तू अगले जन्म मे भी अंश ही बनना.... मै तेरी बनुगी, मात्र तेरी.... रातरानी बनकर तेरी सभी रातो को महका दूँगी.... हर जन्म मे पारिजात बनु, इतनी भी अभागनी नही!'
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पारिजात-एक अभागी लड़की
Nov 11, 2025
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