सस्पेंस थ्रिलर
सस्पेंस थ्रिलर
आखिर कौन?
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इस से पहले कि मैं अपनी कहानी शुरू करूं ,मैं आप सब को अपने बारे में बताना चाहूंगा ।मेरा नाम है रजत, और आजकल मैं खाली हूं ।मेरे पास करने को कोई काम नहीं है यूं तो मैंने एलएलबी की है ,पर एलएलबी करने के बावजूद मुझे अभी तक...
Storyline
इस से पहले कि मैं अपनी कहानी शुरू करूं ,मैं आप सब को अपने बारे में बताना चाहूंगा ।मेरा नाम है रजत, और आजकल मैं खाली हूं ।मेरे पास करने को कोई काम नहीं है यूं तो मैंने एलएलबी की है ,पर एलएलबी करने के बावजूद मुझे अभी तक कोई ऐसा केस नहीं मिला जिससे मेरी पहचान बन सके और इसी बीच मेरे दिमाग में जासूसी का कीड़ा भी कुलबुलाने लगा है ।अब क्योंकि करने को कोई काम है नहीं तो मैंने सोचा क्यों ना वकालत के साथ-साथ जासूसी का काम भी शुरू कर दूं, इसी के तहत मैंने अपनी एक जासूसी एजेंसी शुरू कर दी ।जहां पर बैठ कर मैं लोगों को वकील की तरह राय भी देता और अगर उन्हें किसी केस में सबूत जुटाने के लिए या किसी की जासूसी करने के लिए मेरी जरूरत होती तो वह भी करता । पुरानी बस्ती में रहीम का घर यह रहा फोटो तुमको इसको खत्म करना है और वह भी इस तरह से जिससे किसी को ना पता चल पाए कि यह एक मर्डर है यह एक्सीडेंट की तरह लगना चाहिए। रहीम ने फोटो देखा और चोंकते हुए कहा यह तो यहां के विधायक का फोटो है काम बहुत मुश्किल होगा काम मुश्किल है तभी तो मैं तुम्हें इतनी बड़ी रकम दे रहा हूं उसके सामने खड़े इंसान ने बोला... विधायक अपनी गाड़ी से कहीं जाने की तैयारी में था तभी एक आदमी वहां आया और कार के ड्राइवर को उसने अपनी बातों में उलझा दिया रहीम सड़क के पार खड़ा था और यह सब देख रहा था,अब रहीम सड़क पार करके धीरे धीरे कार की तरफ बढ़ता जा रहा था। अगले दिन आज मेरा ऑफिस खुले एक हफ्ता बीत चुका था और इस 1 हफ्ते में मेरे पास कोई भी केस नहीं आया था। इस पूरे हफ्ते मैंने बस मक्खियां ही मारी थी। मैं अपनी रिवाल्विंग चेयर कर बैठा-बैठा यही सोच रहा था कि कहीं मैंने यह ऑफिस खोल कर कोई गलती तो नहीं कर दी ।एक तो पहले से ही पैसे की कमी थी और उस पर से यह ऑफिस का खर्चा... मेरा हाल गरीबी में आटा गीला वाला हो गया था। मैं यह सब सोच ही रहा था कि अचानक मेरी नज़र पास में रखे अखवारों पर पड़ी,सभी अखबारों की एक ही हैडलाइन थी,विधायक राज बहादुर कार एक्सीडेंट मे बाल बाल बचे।मैं अपने आफिस में बैठा ये खबर पढ़ ही रहा था किअचानक से किसी ने मेरे ऑफिस का गेट खोला और अंदर की तरफ आया ।यह आने वाला एक खूबसूरत लड़की थी किसको देखकर मैं कुछ देर तक उसको देखता ही रह गया।उस को देख कर मेरा दिल बोल उठा... खुदा ने नवाज़ा तुझे, मोहब्बत के हर नूर से, दिल दे बैठेगा हर दीवाना, चाहे देखे वो तुझे कोसों दूर से। गोरी रंगत लिए हुए गोल चेहरा,कमर तक लटकते हुए बाल,तीखे नैन नख्श लिए हुए वो छोटी सी प्यारी सी लड़की किसी बार्बी डॉल से कम नही लग रही थी।मैं उसको लगातार बस देखे ही जा रहा था।तभी उसने मेरे ध्यान को तोड़ते हुए कहा.....
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Chapter 1
आखिर कौन? - Chapter 1
Aug 16, 2026
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