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शोर और सन्नाटे के बीच: एक अधूरी शाम
लघुकथा पुस्तक
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शोर और सन्नाटे के बीच: एक अधूरी शाम

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क्या आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनों के साथ होकर भी वास्तव में उनके साथ होते हैं? मोना भी एक ऐसी ही आधुनिक उलझन में फंसी है, जहाँ उसका शरीर तो रोहन के साथ डेट पर है, लेकिन मन ईमेल और सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन मे...
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Storyline

क्या आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनों के साथ होकर भी वास्तव में उनके साथ होते हैं? मोना भी एक ऐसी ही आधुनिक उलझन में फंसी है, जहाँ उसका शरीर तो रोहन के साथ डेट पर है, लेकिन मन ईमेल और सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन में उलझा हुआ है। उसके विचलित मन का शोर उसे एक पल के लिए भी सुकून से बैठने नहीं देता। लेकिन उस बरसात की शाम, रोहन कुछ ऐसा करता है जो मोना को स्क्रीन की दुनिया से खींचकर हकीकत की ज़मीन पर ले आता है। पढ़िए एक ऐसी कहानी जो हर उस दिल की आवाज़ है, जो कनेक्टेड रहने के चक्कर में खुद से डिस्कनेक्ट हो गया है।

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Chapter 1
शोर और सन्नाटे के बीच: एक अधूरी शाम - Chapter 1
Jan 31, 2026
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