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गरिमा खंडेलवाल
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गरिमा खंडेलवाल

By garima
5.0 (5 Reviews) 14.3K Reads Ongoing
यहां आप को व्यंग्यात्मक, अधूरे प्रेम की पूरी कविताएं, जीवन के सच्चे अनुभव, कड़वे झूठ,पढ़ने को मिलेंगे।
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यहां आप को व्यंग्यात्मक, अधूरे प्रेम की पूरी कविताएं, जीवन के सच्चे अनुभव, कड़वे झूठ,पढ़ने को मिलेंगे।

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Jaswant Singh
4 months ago
♥️
❤ 1 मै अगर दादा जी होता
Jaswant Singh
4 months ago
♥️
❤ 0 द्रोपती की पुकार
Jaswant Singh
4 months ago
♥️
❤ 3 गरिमा खंडेलवाल
BALJEET SINGH
5 months ago
बहुत अच्छा
❤ 0 तू है तो मैं चाँद...
Anil garg
6 months ago
गुड
❤ 0 द्रोपती की पुकार

All Chapters (102)

Chapter 0
गरिमा खंडेलवाल
Nov 11, 2025
Read
Chapter 1
द्रोपती की पुकार
Nov 11, 2025
Read
Chapter 2
मै अगर दादा जी होता
Nov 11, 2025
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Chapter 3
मुसीबत में पड़ने में व्यस्त है
Nov 11, 2025
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Chapter 4
इंतज़ार है हमें उनका
Nov 11, 2025
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Chapter 5
तू है तो मैं चाँद...
Nov 11, 2025
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Chapter 6
उपकार सबसे अच्छा धर्म है
Nov 11, 2025
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Chapter 7
अपना परिवार ज़रूरी है
Nov 11, 2025
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Chapter 8
खूबसूरत बचपन
Nov 11, 2025
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Chapter 9
बाद में फिर ये जीवन मिले ना मिले
Nov 11, 2025
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Chapter 10
सब कुछ ऊपर वाला जाने
Nov 11, 2025
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Chapter 11
मेरे दिल का वो शहज़ादा
Nov 11, 2025
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Chapter 12
रूठे सजन मना कर देखो,
Nov 11, 2025
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Chapter 13
उगते सूरज की किरणों को
Nov 11, 2025
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Chapter 14
शराब में नशा तलाश रहा हूँ
Nov 11, 2025
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Chapter 15
शिकायत करता है दिल मेरा"
Nov 11, 2025
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Chapter 16
अपने सारे ग़म छुपा कर
Nov 11, 2025
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Chapter 17
ज़िंदगी क्या है, जानने को ज़िंदा रहना ज़रूरी है
Nov 11, 2025
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Chapter 19
मेरी मानो, नशा मत करना"
Nov 11, 2025
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Chapter 20
ज़िंदगी एक सवाल है प्यारे"
Nov 11, 2025
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Chapter 21
मैं अपनी खुशबू छोड़ के चला जाऊँगा
Nov 11, 2025
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Chapter 22
उसकी लीला वो ही जाने"
Nov 11, 2025
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Chapter 23
अब चाहिए कुछ भी नहीं
Nov 11, 2025
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Chapter 24
सब मसले हल हो जाएंगे
Nov 11, 2025
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Chapter 25
अगर सब मिल जाए तो
Nov 11, 2025
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Chapter 26
इश्क़: अब जलेबी नहीं रहा"
Nov 11, 2025
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Chapter 27
आईने के उस पार
Nov 11, 2025
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Chapter 28
पत्थर के शहर के अफ़साने
Nov 11, 2025
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Chapter 29
किताब रो विरह”
Nov 11, 2025
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Chapter 30
आशिक़ आवारा
Nov 11, 2025
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Chapter 31
तेरी याद का सहारा"
Nov 11, 2025
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Chapter 32
दफ़्तर के बाद की शाम
Nov 11, 2025
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Chapter 33
घूसखोरी का चमत्कार
Nov 11, 2025
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Chapter 34
पड़ोसी की किस्तें, हमारी मुस्कान
Nov 11, 2025
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Chapter 35
हिंदी दिवस: अपनी जड़ों का उत्सव
Nov 11, 2025
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Chapter 36
स्याही में सुलगते अरमान"
Nov 11, 2025
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Chapter 37
टैरिफ़ का तमाशा
Nov 11, 2025
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Chapter 38
सबका दुलारा, अभी तक कुंवारा
Nov 11, 2025
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Chapter 39
रोशनदान से झांकती हिंदी
Nov 11, 2025
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Chapter 40
कार, कुत्ता, कारपेट – स्टेटस का फंडा
Nov 11, 2025
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Jaswant Singh
★★★★★ मै अगर दादा जी होता 4 months ago
Jaswant Singh
★★★★★ द्रोपती की पुकार 4 months ago
Jaswant Singh
★★★★★ गरिमा खंडेलवाल 4 months ago
Jaswant Singh
♥️
4 months ago ❤ 1 Open Chapter
Jaswant Singh
♥️
4 months ago ❤ 0 Open Chapter
Jaswant Singh
♥️
4 months ago ❤ 3 Open Chapter
BALJEET SINGH
बहुत अच्छा
5 months ago ❤ 0 Open Chapter
Anil garg
गुड
6 months ago ❤ 0 Open Chapter