काव्य
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मुझसे दूर ना जाना
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कह तो रहे हो तुम मेरे हो बस
कहीं कह कर मुकर ना जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तेरे जीने की ख्वाहिशें और भी होंगी
मेरे लिए तो बस एक तुम हो
तेरे हँसने की वजहें और भी होंगी
मेरी खुशी तो बस एक तुम ...
कहीं कह कर मुकर ना जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तेरे जीने की ख्वाहिशें और भी होंगी
मेरे लिए तो बस एक तुम हो
तेरे हँसने की वजहें और भी होंगी
मेरी खुशी तो बस एक तुम ...
Storyline
कह तो रहे हो तुम मेरे हो बस
कहीं कह कर मुकर ना जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तेरे जीने की ख्वाहिशें और भी होंगी
मेरे लिए तो बस एक तुम हो
तेरे हँसने की वजहें और भी होंगी
मेरी खुशी तो बस एक तुम हो
मुस्कुराते दिल को एक दिन कहीं
गम का नजराना ना दे जाना
छोडकर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तू क्या जाने प्यार को मेरे
तुझ बिन देखू ना , मैं नए सवेरे
तोड कर कभी चूर ना करना
निश दिन देखूं खाब जो तेरे
तुझसे बिछुडने से लाख भला है
तुझ पर मर मिट जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
-कुलदीप हुडडा
कहीं कह कर मुकर ना जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तेरे जीने की ख्वाहिशें और भी होंगी
मेरे लिए तो बस एक तुम हो
तेरे हँसने की वजहें और भी होंगी
मेरी खुशी तो बस एक तुम हो
मुस्कुराते दिल को एक दिन कहीं
गम का नजराना ना दे जाना
छोडकर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
तू क्या जाने प्यार को मेरे
तुझ बिन देखू ना , मैं नए सवेरे
तोड कर कभी चूर ना करना
निश दिन देखूं खाब जो तेरे
तुझसे बिछुडने से लाख भला है
तुझ पर मर मिट जाना
छोड कर मुझको तन्हा कभी
मुझसे दूर ना जाना
-कुलदीप हुडडा
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