काव्य पुस्तक
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“कुछ लम्हे प्यार के”
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टूटकर तुम्हें इस कदर चाहेंगे,
तुम्हारी बेवफाई में भी वफ़ा का इश्क़ निभाएंगे।
ना सोचेंगे एक पल भी हम,
तुम्हारे लिए पल भर में जान भी न्योछावर कर जाएंगे।
बस इतना ही कसूर होगा हमारा,
कि तुम्ह...
तुम्हारी बेवफाई में भी वफ़ा का इश्क़ निभाएंगे।
ना सोचेंगे एक पल भी हम,
तुम्हारे लिए पल भर में जान भी न्योछावर कर जाएंगे।
बस इतना ही कसूर होगा हमारा,
कि तुम्ह...
Storyline
टूटकर तुम्हें इस कदर चाहेंगे,
तुम्हारी बेवफाई में भी वफ़ा का इश्क़ निभाएंगे।
ना सोचेंगे एक पल भी हम,
तुम्हारे लिए पल भर में जान भी न्योछावर कर जाएंगे।
बस इतना ही कसूर होगा हमारा,
कि तुम्हें खुद से ज्यादा चाहेंगे,
और तुम… शायद कभी समझ ही ना पाओगे,
कि हम दर्द में भी तुम्हारा ही नाम दोहराएंगे। 💔
तुम्हारी बेवफाई में भी वफ़ा का इश्क़ निभाएंगे।
ना सोचेंगे एक पल भी हम,
तुम्हारे लिए पल भर में जान भी न्योछावर कर जाएंगे।
बस इतना ही कसूर होगा हमारा,
कि तुम्हें खुद से ज्यादा चाहेंगे,
और तुम… शायद कभी समझ ही ना पाओगे,
कि हम दर्द में भी तुम्हारा ही नाम दोहराएंगे। 💔
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