डरना मना है
डरना मना है
रात का सराप (Curse of the Night)
★
0.0
(0 Reviews)
•
286 Reads
•
Completed
गाँव के किनारे एक पुराना हवेली था जिसे लोग शापित कहते थे। वर्षों से कोई वहाँ नहीं गया था। हर रात वहां से चीख़ें सुनाई देती थीं। एक दिन चार दोस्त—निपुण, राघव, तान्या और अनन्या—रोमांच के लिए उस हवेली में घुस गए। अंदर अज...
Storyline
गाँव के किनारे एक पुराना हवेली था जिसे लोग शापित कहते थे। वर्षों से कोई वहाँ नहीं गया था। हर रात वहां से चीख़ें सुनाई देती थीं। एक दिन चार दोस्त—निपुण, राघव, तान्या और अनन्या—रोमांच के लिए उस हवेली में घुस गए। अंदर अजीब सन्नाटा था। दीवारों पर खून से कुछ लिखा था—“वापस लौट जाओ, वरना मरोगे।” अचानक दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। हवा ठंडी और भारी होने लगी। तान्या ने कहा, “मुझे कोई देख रहा है…” लेकिन वहां कोई नहीं था। तभी अंधेरे में लड़की की पतली आवाज़ गूँजी—
“तुम सब मरोगे…”
दहशत की शुरुआत
सीढ़ियों के ऊपर एक सफेद साया दिखाई दिया
“तुम सब मरोगे…”
दहशत की शुरुआत
सीढ़ियों के ऊपर एक सफेद साया दिखाई दिया
All Chapters (2)
No reviews yet.
No comments yet.